मौसम विज्ञान का खेल
मौसम प्रयोगशाला बच्चों के लिए एक मुफ़्त, इंटरैक्टिव मौसम खेल है। तापमान, नमी, हवा और धूप के स्लाइडर खिसकाइए और देखिए कैसे बादल बनते हैं, बारिश या बर्फ़ गिरती है, पोखर सूखते हैं और इंद्रधनुष निकलता है। हर बदलाव के साथ एक छोटा वाक्य समझाता है कि क्या हुआ।
मौसम प्रयोगशाला
खेल लोड हो रहा है…
- उम्र
- 5–11
- कक्षा
- यू.के.जी.–कक्षा 5
- कौशल
- जल चक्र: वाष्पीकरण, बादल बनना, बारिश या बर्फ़, और नदियों में बहना, तापमान तय करता है कि बारिश होगी या बर्फ़ गिरेगी, नमी क्या है और बादल कैसे बनते हैं
- समय
- हर राउंड 2–5 मिनट
- खर्च
- मुफ़्त, साइन-अप नहीं
- अपडेट
मौसम प्रयोगशाला कैसे खेलें
- अपने मन से आज़माने के लिए "खुला प्रयोग" चुनिए, या "आसान", "मध्यम" या "कठिन" चुनौतियों का सेट चुनिए।
- तापमान, नमी, हवा और धूप के स्लाइडर खिसकाइए या कोई मौसम (ऋतु) टैप कीजिए। थर्मामीटर और वर्षामापी बताते हैं कि क्या हो रहा है, और प्रयोग की डायरी समझाती है।
- हर चुनौती का एक लक्ष्य है, जैसे "बर्फ़ गिराओ!" या "वर्षामापी को 20 mm तक भरो"। सफल होने तक मौसम बदलिए। अटक जाएँ तो "संकेत" या "दिखाओ" दबाइए, स्लाइडर अपने-आप खिसकेंगे।
- आसान सेट में मौसम के हिसाब से कपड़े चुनने का खेल है, और मध्यम सेट में जल चक्र के नाम लगाने का खेल। शब्दों को सही डिब्बे में खींचिए, या शब्द पर टैप करके डिब्बे पर टैप कीजिए। आख़िर में मौसम क्विज़ है; बिना संकेत के सब करने पर 3 सितारे मिलते हैं।
आपका बच्चा क्या सीखेगा
- जल चक्र: वाष्पीकरण, बादल बनना, बारिश या बर्फ़, और नदियों में बहना
- तापमान तय करता है कि बारिश होगी या बर्फ़ गिरेगी
- नमी क्या है और बादल कैसे बनते हैं
- इंद्रधनुष, आँधी-तूफ़ान, ओले और बर्फ़ीला तूफ़ान कैसे बनते हैं
- थर्मामीटर और वर्षामापी पढ़ना
- ऋतुएँ, और मौसम के हिसाब से कपड़े
मौसम प्रयोगशाला के बारे में
मौसम हमारे चारों ओर है, पर उसके पीछे का विज्ञान दिखाई नहीं देता। मौसम प्रयोगशाला उसे दिखा देती है। नमी बढ़ाने पर जलवाष्प नन्ही बूँदों में बदलती है और बादल बड़े होते हैं; और बढ़ाने पर भारी बादलों से बारिश होने लगती है। तापमान शून्य से नीचे ले जाइए तो बारिश बर्फ़ बन जाती है और छतों व पेड़ों पर जम जाती है, फिर गर्मी आने पर पिघलकर पोखर बनाती है। गर्म और बहुत नम हवा बिजली और ओलों वाला बड़ा तूफ़ानी बादल बनाती है, बर्फ़ के साथ तेज़ हवा बर्फ़ीला तूफ़ान लाती है, और धूप व बारिश साथ हों तो सूर्य के सामने वाली ओर इंद्रधनुष निकलता है।
हर बदलाव के साथ बच्चों के लिए एक छोटी-सी व्याख्या आती है, जिससे वे देखी हुई चीज़ को "वाष्पीकरण", "जलवाष्प" और "वर्षण" जैसे शब्दों से जोड़ पाते हैं। यू.के.जी.–कक्षा 1 के लिए आसान चुनौतियों में बारिश, बर्फ़, इंद्रधनुष और तेज़ हवा बनानी है, फिर गर्म, बरसाती, बर्फ़ीले और हवा वाले दिन के लिए बच्चे के कपड़े चुनने हैं। कक्षा 2–3 के लिए मध्यम चुनौतियों में 20 mm बारिश, सूखे पोखर, आँधी-तूफ़ान और पिघली बर्फ़ बनानी है और जल चक्र के नाम लगाने हैं। कक्षा 4–5 के लिए कठिन चुनौतियाँ ओले, बर्फ़, बर्फ़ीले तूफ़ान और इस पर हैं कि धूप के बिना भी हवा और गर्मी से चीज़ें कैसे सूखती हैं। हर सेट एक छोटी क्विज़ से ख़त्म होता है जो हर जवाब को समझाती है।
कौन-सा लेवल सही है?
| कक्षा | सुझाया गया लेवल |
|---|---|
| यू.के.जी. | आसान |
| कक्षा 1 | आसान |
| कक्षा 2 | मध्यम |
| कक्षा 3 | मध्यम |
| कक्षा 4 | कठिन |
| कक्षा 5 | कठिन |
लगातार 2–3 बार तीन स्टार मिलें, तो अगले लेवल पर जाएँ।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
इंद्रधनुष कैसे बनता है?
सूरज की रोशनी सफ़ेद दिखती है, पर उसमें सारे रंग मिले होते हैं। बारिश की बूँदों से गुज़रते समय रोशनी मुड़ती और लौटती है, और लाल, नारंगी, पीले, हरे, नीले, जामुनी और बैंगनी रंगों में बँट जाती है। जब सूरज आपकी पीठ की ओर हो और सामने बारिश हो रही हो, तब इंद्रधनुष दिखता है। इसीलिए खेल में धूप और बारिश दोनों एक साथ चाहिए।
जल चक्र के चार चरण कौन-से हैं?
वाष्पीकरण: सूरज पानी को गर्म करता है और वह अदृश्य जलवाष्प बनकर ऊपर उठता है। संघनन: जलवाष्प ठंडी होकर नन्ही बूँदों में बदलती है, जिनसे बादल बनते हैं। वर्षण: पानी बारिश, बर्फ़, ओलावृष्टि या ओलों के रूप में गिरता है। संग्रहण: पानी नदियों, झीलों और समुद्र में जमा होता है और फिर से यात्रा शुरू करता है।
नमी क्या है?
नमी बताती है कि हवा में कितनी जलवाष्प है। जलवाष्प दिखती नहीं, पर बहुत नम हवा में उमस और चिपचिपाहट महसूस होती है। नम हवा ठंडी होने पर जलवाष्प बूँदों में बदलती है और बादल, कोहरा और ओस बनते हैं।
कभी-कभी बारिश की जगह बर्फ़ क्यों गिरती है?
जब बादल के अंदर और उसके नीचे की हवा लगभग 0°C या उससे ठंडी हो, तब बर्फ़ गिरती है। बादल का पानी नन्हे बर्फ़ के क्रिस्टल बनाता है, जो जुड़कर हिमकण बन जाते हैं। ज़मीन के पास की हवा गर्म हो, तो वे रास्ते में पिघलकर बारिश बन जाते हैं।
बिजली और बादलों की गरज कैसे होती है?
ऊँचे तूफ़ानी बादलों में ऊपर उठती हवा बर्फ़ और पानी को आपस में टकराती है, जिससे बिजली का आवेश जमा होता है। आसमानी बिजली उसी आवेश की एक विशाल चिंगारी है। वह हवा को इतनी तेज़ी से गर्म करती है कि हवा ज़ोर से फैलती है और ज़ोरदार आवाज़ होती है: वही गरज है। रोशनी आवाज़ से बहुत तेज़ चलती है, इसलिए चमक पहले दिखती है।
खेल में बारिश मिलीमीटर में क्यों नापते हैं?
ज़्यादातर देशों में मौसम वैज्ञानिक वर्षामापी से बारिश मिलीमीटर में नापते हैं (अमेरिका में कभी-कभी इंच में)। 20 mm बारिश का मतलब है कि पानी ज़मीन में न समाए और न बहे, तो 20 mm गहरा पानी जमा हो जाए।